महाभारत 5.150.18
ततस्ते पार्थिवाः सर्वे तच्छ्रुत्वा राजशासनम्आसनेभ्यो महार्हेभ्य उदतिष्ठन्नमर्षिताः
tataste pārthivāḥ sarve tacchrutvā rājaśāsanamāsanebhyo mahārhebhya udatiṣṭhannamarṣitāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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