महाभारत 5.153.21
न त्वेवोत्सादनीया मे पाण्डोः पुत्रा नराधिपतस्माद्योधान्हनिष्यामि प्रयोगेणायुतं सदा
na tvevotsādanīyā me pāṇḍoḥ putrā narādhipatasmādyodhānhaniṣyāmi prayogeṇāyutaṃ sadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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