महाभारत 5.153.34
परिक्रम्य कुरुक्षेत्रं कर्णेन सह कौरवःशिबिरं मापयामास समे देशे नराधिपः
parikramya kurukṣetraṃ karṇena saha kauravaḥśibiraṃ māpayāmāsa same deśe narādhipaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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