महाभारत 5.154.9
रोचते मे महाबाहो क्रियतां यदनन्तरम्नायकास्तव सेनायामभिषिच्यन्तु सप्त वै
rocate me mahābāho kriyatāṃ yadanantaramnāyakāstava senāyāmabhiṣicyantu sapta vai
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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