महाभारत 5.157.2सौबलेन च राजेन्द्र तथा दुःशासनेन चआहूयोपह्वरे राजन्नुलूकमिदमब्रवीत्saubalena ca rājendra tathā duḥśāsanena caāhūyopahvare rājannulūkamidamabravītइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें