महाभारत 5.16.33
एवं संचिन्त्य भगवान्महेन्द्रः पाकशासनःकुबेरं सर्वयक्षाणां धनानां च प्रभुं तथा
evaṃ saṃcintya bhagavānmahendraḥ pākaśāsanaḥkuberaṃ sarvayakṣāṇāṃ dhanānāṃ ca prabhuṃ tathā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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