महाभारत 5.160.22
भ्रातॄणां निधनं दृष्ट्वा पुत्राणां च सुयोधनभीमसेनेन निहतो दुष्कृतानि स्मरिष्यसि
bhrātṝṇāṃ nidhanaṃ dṛṣṭvā putrāṇāṃ ca suyodhanabhīmasenena nihato duṣkṛtāni smariṣyasi
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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