महाभारत 5.166.13
बलाबलममित्राणां श्रोतुमिच्छामि कौरवप्रभातायां रजन्यां वै इदं युद्धं भविष्यति
balābalamamitrāṇāṃ śrotumicchāmi kauravaprabhātāyāṃ rajanyāṃ vai idaṃ yuddhaṃ bhaviṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें