महाभारत 5.166.35
एष हन्याद्धि संरम्भी बलवान्सत्यविक्रमःतव सेनां महाबाहुः स्वां चैव परिपालयन्
eṣa hanyāddhi saṃrambhī balavānsatyavikramaḥtava senāṃ mahābāhuḥ svāṃ caiva paripālayan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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