महाभारत 5.174.19
ततः स राजर्षिरभूद्दुःखशोकसमन्वितःकार्यं च प्रतिपेदे तन्मनसा सुमहातपाः
tataḥ sa rājarṣirabhūdduḥkhaśokasamanvitaḥkāryaṃ ca pratipede tanmanasā sumahātapāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें