महाभारत 5.177.10
यदि भीष्मस्त्वयाहूतो रणे राम महामुनेनिर्जितोऽस्मीति वा ब्रूयात्कुर्याद्वा वचनं तव
yadi bhīṣmastvayāhūto raṇe rāma mahāmunenirjito'smīti vā brūyātkuryādvā vacanaṃ tava
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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