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महाभारत 5.18.11
नात्र मन्युस्त्वया कार्यो यत्क्लिष्टोऽसि महावनेद्रौपद्या सह राजेन्द्र भ्रातृभिश्च महात्मभिः
nātra manyustvayā kāryo yatkliṣṭo'si mahāvanedraupadyā saha rājendra bhrātṛbhiśca mahātmabhiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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