महाभारत 5.180.3
ततो मामब्रवीद्रामः स्मयमानो रणाजिरेरथो मे मेदिनी भीष्म वाहा वेदाः सदश्ववत्
tato māmabravīdrāmaḥ smayamāno raṇājireratho me medinī bhīṣma vāhā vedāḥ sadaśvavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें