महाभारत 5.181.24
ततो हाहाकृतं सर्वं रामे भूतलमाश्रितेजगद्भारत संविग्नं यथार्कपतनेऽभवत्
tato hāhākṛtaṃ sarvaṃ rāme bhūtalamāśritejagadbhārata saṃvignaṃ yathārkapatane'bhavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें