महाभारत 5.181.33
ते शराः स्वसमुत्थेन प्रदीप्ताश्चित्रभानुनाभूमौ सर्वे तदा राजन्भस्मभूताः प्रपेदिरे
te śarāḥ svasamutthena pradīptāścitrabhānunābhūmau sarve tadā rājanbhasmabhūtāḥ prapedire
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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