महाभारत 5.181.6ततो मां शरवर्षेण महता समवाकिरत्अहं च शरवर्षेण वर्षन्तं समवाकिरम्tato māṃ śaravarṣeṇa mahatā samavākiratahaṃ ca śaravarṣeṇa varṣantaṃ samavākiramइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें