महाभारत 5.183.3तेन सूतो मम सुहृच्छरवर्षेण ताडितःनिपपात रथोपस्थे मनो मम विषादयन्tena sūto mama suhṛccharavarṣeṇa tāḍitaḥnipapāta rathopasthe mano mama viṣādayanइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें