महाभारत 5.188.7
तां देवो दर्शयामास शूलपाणिरुमापतिःमध्ये तेषां महर्षीणां स्वेन रूपेण भामिनीम्
tāṃ devo darśayāmāsa śūlapāṇirumāpatiḥmadhye teṣāṃ maharṣīṇāṃ svena rūpeṇa bhāminīm
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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