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महाभारत 5.192.11
देवानां प्रतिपत्तिश्च सत्या साधुमता सदासा तु दुःखार्णवं प्राप्य नः स्यादर्चयतां भृशम्
devānāṃ pratipattiśca satyā sādhumatā sadāsā tu duḥkhārṇavaṃ prāpya naḥ syādarcayatāṃ bhṛśam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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