महाभारत 5.196.19
वणिजो गणिका वारा ये चैव प्रेक्षका जनाःसर्वांस्तान्कौरवो राजा विधिवत्प्रत्यवैक्षत
vaṇijo gaṇikā vārā ye caiva prekṣakā janāḥsarvāṃstānkauravo rājā vidhivatpratyavaikṣata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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