महाभारत 5.3.3एकस्मिन्नेव जायेते कुले क्लीबमहारथौफलाफलवती शाखे यथैकस्मिन्वनस्पतौekasminneva jāyete kule klībamahārathauphalāphalavatī śākhe yathaikasminvanaspatauइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें