महाभारत 5.34.16
यस्तु पक्वमुपादत्ते काले परिणतं फलम्फलाद्रसं स लभते बीजाच्चैव फलं पुनः
yastu pakvamupādatte kāle pariṇataṃ phalamphalādrasaṃ sa labhate bījāccaiva phalaṃ punaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें