महाभारत 5.34.78
यस्मै देवाः प्रयच्छन्ति पुरुषाय पराभवम्बुद्धिं तस्यापकर्षन्ति सोऽपाचीनानि पश्यति
yasmai devāḥ prayacchanti puruṣāya parābhavambuddhiṃ tasyāpakarṣanti so'pācīnāni paśyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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