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महाभारत 5.36.23
विदुर उवाच · vidura uvāca
तपो दमो ब्रह्मवित्त्वं वितानाः; पुण्या विवाहाः सततान्नदानम्येष्वेवैते सप्त गुणा भवन्ति; सम्यग्वृत्तास्तानि महाकुलानि
tapo damo brahmavittvaṃ vitānāḥ; puṇyā vivāhāḥ satatānnadānamyeṣvevaite sapta guṇā bhavanti; samyagvṛttāstāni mahākulāni
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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