महाभारत 5.4.23
भूरितेजा देवकश्च एकलव्यस्य चात्मजःकारूषकाश्च राजानः क्षेमधूर्तिश्च वीर्यवान्
bhūritejā devakaśca ekalavyasya cātmajaḥkārūṣakāśca rājānaḥ kṣemadhūrtiśca vīryavān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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