महाभारत 5.50.2
भीमसेनाद्धि मे भूयो भयं संजायते महत्क्रुद्धादमर्षणात्तात व्याघ्रादिव महारुरोः
bhīmasenāddhi me bhūyo bhayaṃ saṃjāyate mahatkruddhādamarṣaṇāttāta vyāghrādiva mahāruroḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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