महाभारत 5.56.49
तान्सर्वानाहवे क्रुद्धान्सानुबन्धान्समागतान्अहमेकः समादास्ये तिमिर्मत्स्यानिवौदकान्
tānsarvānāhave kruddhānsānubandhānsamāgatānahamekaḥ samādāsye timirmatsyānivaudakān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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