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महाभारत 5.59.11
ते देवसहिताः पार्था न शक्याः प्रतिवीक्षितुम्मानुषेण नरव्याघ्रा वीर्यवन्तोऽस्त्रपारगाः
te devasahitāḥ pārthā na śakyāḥ prativīkṣitummānuṣeṇa naravyāghrā vīryavanto'strapāragāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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