महाभारत 5.59.4
देवमानुषयोः शक्त्या तेजसा चैव पाण्डवान्कुरूञ्शक्त्याल्पतरया दुर्योधनमथाब्रवीत्
devamānuṣayoḥ śaktyā tejasā caiva pāṇḍavānkurūñśaktyālpatarayā duryodhanamathābravīt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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