महाभारत 5.60.22
भविष्यतीदमिति वा यद्ब्रवीमि परंतपनान्यथा भूतपूर्वं तत्सत्यवागिति मां विदुः
bhaviṣyatīdamiti vā yadbravīmi paraṃtapanānyathā bhūtapūrvaṃ tatsatyavāgiti māṃ viduḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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