महाभारत 5.7.3
स श्रुत्वा माधवं यातं सदश्वैरनिलोपमैःबलेन नातिमहता द्वारकामभ्ययात्पुरीम्
sa śrutvā mādhavaṃ yātaṃ sadaśvairanilopamaiḥbalena nātimahatā dvārakāmabhyayātpurīm
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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