महाभारत 5.7.6ततः शयाने गोविन्दे प्रविवेश सुयोधनःउच्छीर्षतश्च कृष्णस्य निषसाद वरासनेtataḥ śayāne govinde praviveśa suyodhanaḥucchīrṣataśca kṛṣṇasya niṣasāda varāsaneइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें