महाभारत 5.73.21
इदं मे महदाश्चर्यं पर्वतस्येव सर्पणम्यदीदृशं प्रभाषेथा भीमसेनासमं वचः
idaṃ me mahadāścaryaṃ parvatasyeva sarpaṇamyadīdṛśaṃ prabhāṣethā bhīmasenāsamaṃ vacaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें