महाभारत 5.80.49
सत्यं ते प्रतिजानामि कृष्णे बाष्पो निगृह्यताम्हतामित्राञ्श्रिया युक्तानचिराद्द्रक्ष्यसे पतीन्
satyaṃ te pratijānāmi kṛṣṇe bāṣpo nigṛhyatāmhatāmitrāñśriyā yuktānacirāddrakṣyase patīn
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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