महाभारत 5.86.3
देशः कालस्तथायुक्तो न हि नार्हति केशवःमंस्यत्यधोक्षजो राजन्भयादर्चति मामिति
deśaḥ kālastathāyukto na hi nārhati keśavaḥmaṃsyatyadhokṣajo rājanbhayādarcati māmiti
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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