महाभारत 5.88.12शङ्खभेरीनिनादेन वेणुवीणानुनादिनापुण्याहघोषमिश्रेण पूज्यमाना द्विजातिभिःśaṅkhabherīninādena veṇuvīṇānunādināpuṇyāhaghoṣamiśreṇa pūjyamānā dvijātibhiḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें