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महाभारत 5.89.39
ततः क्षत्तान्नपानानि शुचीनि गुणवन्ति चउपाहरदनेकानि केशवाय महात्मने
tataḥ kṣattānnapānāni śucīni guṇavanti caupāharadanekāni keśavāya mahātmane
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंततः क्षत्तान्नपानानि शुचीनि गुणवन्ति चउपाहरदनेकानि केशवाय महात्मने
tataḥ kṣattānnapānāni śucīni guṇavanti caupāharadanekāni keśavāya mahātmane
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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