महाभारत 5.98.2अनल्पेन प्रयत्नेन निर्मितं विश्वकर्मणामयेन मनसा सृष्टं पातालतलमाश्रितम्analpena prayatnena nirmitaṃ viśvakarmaṇāmayena manasā sṛṣṭaṃ pātālatalamāśritamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें