महाभारत 6.104.28
तं विनाशं मनुष्येन्द्र नरवारणवाजिनाम्नामृष्यत तदा भीष्मः सैन्यघातं रणे परैः
taṃ vināśaṃ manuṣyendra naravāraṇavājināmnāmṛṣyata tadā bhīṣmaḥ sainyaghātaṃ raṇe paraiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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