महाभारत 6.112.35
भीमसेनो गजानीकं योधयन्बह्वशोभतयथा शक्रो वज्रपाणिर्दारयन्पर्वतोत्तमान्
bhīmaseno gajānīkaṃ yodhayanbahvaśobhatayathā śakro vajrapāṇirdārayanparvatottamān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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