महाभारत 6.114.56
निकृन्तमाना मर्माणि दृढावरणभेदिनःमुसलानीव मे घ्नन्ति नेमे बाणाः शिखण्डिनः
nikṛntamānā marmāṇi dṛḍhāvaraṇabhedinaḥmusalānīva me ghnanti neme bāṇāḥ śikhaṇḍinaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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