महाभारत 6.115.26
विनिवृत्तान्कुरून्दृष्ट्वा पाण्डवापि स्वसैनिकान्दूतैः शीघ्राश्वसंयुक्तैरवहारमकारयन्
vinivṛttānkurūndṛṣṭvā pāṇḍavāpi svasainikāndūtaiḥ śīghrāśvasaṃyuktairavahāramakārayan
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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