महाभारत 6.16.17
तथा प्राच्याः प्रतीच्याश्च दाक्षिणात्योत्तरापथाःसर्वशस्त्रास्त्रकुशलास्ते रक्षन्तु पितामहम्
tathā prācyāḥ pratīcyāśca dākṣiṇātyottarāpathāḥsarvaśastrāstrakuśalāste rakṣantu pitāmaham
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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