महाभारत 6.17.18तालेन महता भीष्मः पञ्चतारेण केतुनाविमलादित्यसंकाशस्तस्थौ कुरुचमूपतिःtālena mahatā bhīṣmaḥ pañcatāreṇa ketunāvimalādityasaṃkāśastasthau kurucamūpatiḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें