महाभारत 6.19.26
तेषामादित्यचन्द्राभाः कनकोत्तमभूषणाःनानाचिह्नधरा राजन्रथेष्वासन्महाध्वजाः
teṣāmādityacandrābhāḥ kanakottamabhūṣaṇāḥnānācihnadharā rājanratheṣvāsanmahādhvajāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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