महाभारत 6.19.2
यो वेद मानुषं व्यूहं दैवं गान्धर्वमासुरम्कथं भीष्मं स कौन्तेयः प्रत्यव्यूहत पाण्डवः
yo veda mānuṣaṃ vyūhaṃ daivaṃ gāndharvamāsuramkathaṃ bhīṣmaṃ sa kaunteyaḥ pratyavyūhata pāṇḍavaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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