महाभारत 6.23.25
भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम्उवाच पार्थ पश्यैतान्समवेतान्कुरूनिति
bhīṣmadroṇapramukhataḥ sarveṣāṃ ca mahīkṣitāmuvāca pārtha paśyaitānsamavetānkurūniti
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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