महाभारत 6.23.44उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दननरके नियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुमutsannakuladharmāṇāṃ manuṣyāṇāṃ janārdananarake niyataṃ vāso bhavatītyanuśuśrumaइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें