महाभारत 6.25.19
तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचरअसक्तो ह्याचरन्कर्म परमाप्नोति पूरुषः
tasmādasaktaḥ satataṃ kāryaṃ karma samācaraasakto hyācarankarma paramāpnoti pūruṣaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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