महाभारत 6.28.11
शुचौ देशे प्रतिष्ठाप्य स्थिरमासनमात्मनःनात्युच्छ्रितं नातिनीचं चैलाजिनकुशोत्तरम्
śucau deśe pratiṣṭhāpya sthiramāsanamātmanaḥnātyucchritaṃ nātinīcaṃ cailājinakuśottaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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